राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ की स्थापना का उद्देश्य दृष्टिबाधितो के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें सरकार द्वारा समान सुविधाये और अधिकार दिलाना था। राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ ने सरकार से वार्ताओ, हडताल, प्रदर्शन और दबाव सभी प्रकार के हथकण्डे अपनाकर अधिकार पाने हेतु प्रार्थना संघर्श और आवश्यक्ता पढने पर झगड़ा भी किया। इन उद्देश्यो की प्राप्ती हेतु कर्मठ ज्ञानी संघर्शशील और जुझारू दृश्टिबाधितो का एक समुह बनाया गया।
श्री भास्कर मेहता का जीवन संघर्शो और जटीलताओ से भरा हुआ रहा इन्होने राश्ट्रीय दृश्टिहीन संघ की सक्रिय सेवा 1976 के जयपूर अधिवेशन से प्रारम्भ की। जब इन्हे उपाध्यक्ष बनाया गया। उस दिन के पश्चात मेहता श्री ने मुड़ कर नही देखा उन्होने संघ के सभी संघर्शे में सक्रिय भुमिका निभाई।
संघ के 1978 के कानपूर अधिवेशन में भी श्री मेहता ने सक्रिय योगदान देते हुए मत भेदो को समाप्त करवाने हेतु अथक प्रयास किया। उन्होने राश्ट्रीय दृश्टिहीन संघ को टुटने से बचाने हेतु काफी प्रयत्न किये किन्तु जब अन्त में कुछ दृष्टिबाधितों ने राश्ट्रीय दृश्टिहीन संघ से अलग होकर दूसरा संगठन बनाया तो मेंहता श्री ने राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ को नही छोडा तथा इसकी सेवा में लगे रहे। इन्होने संघ के अधिकांश अधिवेशन में सक्रिय भूमिका अदा की चाहे वह दिल्ली अधिवेशन हो लखनउ हो या भुवनेश्वर। इन्होने गुजरात राज्य में राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ की राज्य शाखा स्थापना हेतु पहल की तथा जिला शाखाओ के निर्माण हेतु भी अहम भुमिका निभाई। सभी शाखाओ और उपशाखाओ को स्थापित करने से लेकर उन्हे सक्रिय करने हेतु भी सहयोग किया।
श्री मेहता के राष्ट्रीय दृश्टिहीन संघ के राष्ट्रीय महा सचिव श्री संतोश कुमार रूंगटा से निकट के संबंध है रूंगटाजी को भी जब पश्चिम भारत में कोई कार्य होता है तो वे श्री मेहता को ही याद करते है। प्रो. भास्कर योगेन्द्र मेहता उन चुनिन्दा दृश्टिबाधितो मे से है जो एन.एफ.बी., ए.आई.सी. बी. और एन.ए.बी. इन तीनो ही राष्ट्रीय संस्थाओ में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे है। श्री मेहता ने गुजरात राज्य के विकलांग जन आयुक्त के कार्यभार को संभालने पर व्यस्तता के कारण राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ के कार्यों में भाग लेना छोड दिया किन्तु लगभग 30 वर्श तक श्री मेहता ने राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ के कार्यों में सक्रिय रूप से योगदान दिया उन्होने भारत वर्श के दृष्टिबाधितो और विशेशकर गुजरात राज्य के दृश्टिहीन भाई-बहनो हेतु अनेक सराहनीय कार्य किये। उनकी इन सेवाओं को राश्ट्रीय दृष्टिहीन संघ तथा दृष्टिबाधितो के कल्याण मे याद रखा जायेगा।
प्रो. भास्कर योगेन्द्र मेहता की शश्ठीपूर्ति पर हम सभी उनकी लम्बी आयु, बेहत्तर स्वास्थय तथा सुख-समृधी पूर्ण जीवन की कामना करते है।
Dr. A.K. Sharma
“Ekant”, Shivaji Marg
Mount Abu- 307501